Weather Forecast: इस समय धरती आग उगल रही है...तापमान 40 डिग्री के पार है। दुनिया के कई देशों में गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि मौत की वजह बन चुकी है। यूरोप से लेकर भारत तक मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है, जिसने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं, और इस बढ़ती भीषण गर्मी की बड़ी वजह है अल नीनो का कहर। आलम ऐसा कि जिस फ्रांस की सड़कें अपनी बेहतरीन क्वालिटी और मजबूत निर्माण के लिए दुनिया में मिसाल मानी जाती है।
वहीं, सड़कें अब भीषण गर्मी में पिघलने लगी हैं, और अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। भारत में भी कई राज्यों में मानसून की रफ्तार थम गई है जिसके चलते यहां के हालात भी काफी चिंताजनक है। सोचिए, जब दुनिया की सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर वाली सड़कें बढ़ते तापमान के आगे टिक नहीं पा रहीं, तो मौसम में आए बदलाव की गंभीरता कितनी बड़ी होगी। यह सिर्फ एक देश की कहानी नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को जलवायु परिवर्तन की चेतावनी है।
अल नीनो को लेकर आई नई रिपोर्ट ने लोगों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है जिसमें पहले अनुमान था कि इसका असर भारत के 111 जिलों तक ही सीमित रहेगा, लेकिन अब तस्वीर और ज्यादा डराने वाली हो गई है। नए आकलन के मुताबिक, अल नीनो का प्रभाव अब देश के 12 राज्यों के करीब 300 जिलों तक फैल सकता है। यानी खतरा सिर्फ बढ़ा नहीं है, बल्कि तेजी से फैलता हुआ दिखाई दे रहा है। इसका सीधा असर बारिश, खेती, जल स्रोतों और करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है।
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देरी से पहुंचेगा मानसून
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय भारत के 315 जिले सूखे की चपेट में है। अल नीनो की वजह से मानसून की रफ्तार धीमी है। जून के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत में आमतौर पर मानसून दस्तक दे देता है लेकिन, इस बार मानसून करीब 10 से 12 दिन देरी से पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून उत्तर भारत में दस्तक दे रहा है लेकिन चाल काफी धीमी है। अगले कुछ दिनों में मानसून दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दे सकता है।
