Shamli Conversion Case: ‘आयुष से बने मोहम्मद अली’ केस में कोर्ट सख्त, चांदनी कुरैशी और पिता की जमानत खारिज, संपत्ति के लालच में बुना जाल

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पुलिस गिरफ्त में चांदनी कुरैशी और आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली

Shamli Conversion Case Update: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के हाई प्रोफाइल धर्मांतरण मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मामले की संजीदगी और संवेदनशीलता को देखते हुए जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने आश्वस्ति जताई और कहा कि हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर पीड़ित पिता देवराज मलिक और आयुष मलिक से मोहम्मद अली बने आयुष मलिक के विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं। जिसको लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी और सामाजिक हलकों में उबाल आ गया है। जिसको लेकर जिले के पुलिस अधीक्षक ने इसे बड़ी साजिश बताते हुए सभी आरोपियों को जेल भेजने की बात कही है। 

दरअसल, बीते दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले शामली से धर्मांतरण का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया था। जिसमें एक जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक को अपने प्यार के जाल में फंसा लिया बाद में ब्लैकमेल कर दोनों ने निकाह कर लिया। निकाहनामे के बाद आयुष कारोबारी से जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवा लिया। आयुष मलिक ने अपना नाम बदलकर ‘मोहम्मद अली’ रख लिया। इस हाई प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया।  

अदालत द्वारा आरोपियों की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद दवा कारोबारी देवराज मलिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने कहा कि मेरा बेटा आयुष पहले बेहद संस्कारी, सामाजिक और हीरा बेटा था, जो सामान्य हिंदू परिवारों की तरह होली, दीपावली, रक्षाबंधन और भैया दूज जैसे सभी परंपरागत त्योहारों व पूजा पाठ में सक्रिय रहता था। साल 2018 में जब वह 'कुरैशी प्लस' जिम में जाने लगा, तो वहां की जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी, उसके परिवार और मुल्ला-मौलवियों ने मिलकर कई सालों तक धीरे-धीरे मेरे बेटे का ब्रेनवॉश किया।

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‘मैसेज पर किया गया ब्लैकमेल’

आयुष के पिता ने यह भी कहा कि चांदनी के परिवार की तरफ से उन्हें ब्लैकमेलिंग के धमकी भरे मैसेज आते थे, जिसमें सारी जमीन-जायदाद उनके नाम करने और ऐसा न करने पर पूरे परिवार को झूठे केस में फंसा कर जेल भिजवाने की धमकी दी जाती थी। फरवरी 2026 में जब लोगों ने आयुष को मस्जिद से नमाज पढ़कर निकलते देखा, तब उन्हें इस साजिश का पूरा एहसास हुआ।

संपत्ति को लेकर हुई साजिश- पुलिस अधीक्षक

इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने कहा कि इस गहरी साजिश के पीछे पीड़ित परिवार की अरबों रुपये की बेकीमती संपत्ति को हथियाने का मुख्य मकसद था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अदालत ने भी दोनों की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया। अब जो भी इस साजिश में शामिल है पूरी जांच कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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