Ram Mandir Donation Theft Update: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच के दायरे में अब बैंकिंग सिस्टम भी आ गया है। पुलिस ने इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए करीब आधा दर्जन बैंकों को नोटिस भेजा है। इनमें प्रमुख रूप से एसबीआई, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं।
पुलिस ने बैंकों से ट्रस्ट से जुड़े खातों, लॉकर और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड मांगा है। जांच एजेंसियां ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दान राशि का मूवमेंट कहां-कहां हुआ और कहीं किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई। ट्रांजैक्शन ट्रेल के जरिए पैसे के फ्लो को ट्रेस किया जा रहा है। इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़े लोगों को लेकर गहन जांच की जा रही है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि, बैंक डिटेल्स सामने आने के बाद मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस बैंक कर्मचारियों और कैश हैंडलिंग में शामिल स्टाफ की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच का फोकस इस पर है कि दान की गिनती, उसकी सुरक्षा और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही या मिलीभगत हुई।
बता दें कि, एसबीआई की शाखा से जुड़े दो कर्मचारी रत्नेश और गगनदीप भी जांच के दायरे में हैं। ये दोनों बैंक के पेरोल पर कार्यरत हैं। इनके नीचे 6 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। जांच एजेंसियां लगातार दोनों से पूछताछ कर रही है। इन सभी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी दान की गिनती और उसे सुरक्षित तरीके से बैंक तक पहुंचाने की थी। इन आरोपियों में सुभाष और टीन्नु को छोड़कर बाकी सभी आरोपी आउटसोर्सिंग स्टाफ से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है। बता दें कि, राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोप लगने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक एसआईटी गठित की थी।
अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
एसआईटी ने मामले की लगातार जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी जिसके बाद जांच एजेंसियां लगातार मामले में कार्रवाई कर रही हैं। अब तक मामले में 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कई अज्ञात लोगों का नाम भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी इसमें कई संस्थाएं और लोगों के नाम भी शामिल हो सकते हैं।
