Indian Railway Reservation Rule: भारतीय रेलवे अब अपने टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इस दौरान 40 साल पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में बदलाव किया जाएगा। यानी जो सिस्टम साल 1986 से चल रहा था, अब उसकी जगह एक नया और ज्यादा एडवांस सिस्टम लाया जाएगा।
रेलवे का कहना है कि इस नए सिस्टम से टिकट बुकिंग पहले से काफी तेज, आसान भरोसेमंद हो जाएगी। यात्रियों को वेबसाइट और ऐप से भी ज्यादा अच्छा एक्सपीरियंस मिलेगा। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की और यात्रियों को साफ निर्देश दिए हैं कि बदलाव के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
नया सिस्टम पूरी तरह आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा। इसमें क्षमता भी पहले से ज्यादा होगी, यानी एक साथ ज्यादा लोग बिना वेबसाइट हैंग हुए टिकट बुक कर पाएंगे। अभी जो दिक्कतें आती है- जैसे त्योहारों के समय साइट स्लो हो जाना या तत्काल बुकिंग के वक्त सर्वर क्रैश- उनमें काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
AI का होगा इस्तेमाल
सबसे खास बात यह है कि इस नए सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल होगा। इसके जरिए यात्रियों को यह अंदाजा लगाया जा सकेगा कि उनका वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। यानी अब लोग पहले से थोड़ा बेहतर प्लानिंग कर सकेंगे।
1986 में शुरू हुआ था पुराना सिस्टम
अगर पुराने सिस्टम की बात की जाए तो भारतीय रेलवे का मौजूदा रिजर्वेशन सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। बीच-बीच में इसमें कुछ सुधार किए गए लेकिन इसकी बेसिक संरचना पहले वाली रही। अब समय के साथ यात्रियों की संख्या और ऑनलाइन बुकिंग तेजी से बढ़ी है। आज करीब 88 फीसदी टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं, ऐसे में एक मजबूत और अपडेटेड सिस्टम की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। रेलवे का दावा है कि नया सिस्टम इसी बढ़ती डिजिटल डिमांड को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे भविष्य में टिकट बुकिंग और भी आसान हो जाएगी।
