Anti Paper Leak Amendment Bill: लोकसभा में हंगामे के बीच पास हुआ एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक, विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री का पलटवार

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Anti Paper Leak Amendment Bill: लोकसभा में मंगलवार को भारी हंगामे और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बाद एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान परीक्षा सुधार, युवाओं के भविष्य और संसद की मर्यादा जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस हुई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर सदन में हंगामा बढ़ गया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में चर्चा पूरी होने पर स्पीकर ओम बिरला ने ध्वनि मत से विधेयक पारित होने की घोषणा की और सदन की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

राहुल गांधी के बयान पर जताई आपत्ति

लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा न केवल असंसदीय थी, बल्कि संसद की गरिमा के भी खिलाफ थी। जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि परीक्षा सुधार जैसे गंभीर और महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्वयं को संसदीय परंपराओं से परिचित मानता है। तो उसे सदन की मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा- कि देश के युवाओं को 'मूर्ख' कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि युवा ही देश का भविष्य हैं और उनके लिए इस तरह की टिप्पणी किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं हो सकती।

21 जुलाई की घटना का भी किया जिक्र

डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस दौरान 21 जुलाई की घटना का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठ गए थे और ऐसा लग रहा था कि उनकी इच्छा वहीं रहने की थी। बाद में उन्हें समझाया गया कि यह उनके पद और गरिमा के अनुरूप नहीं है, जिसके बाद वे वहां से हटे।

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इसके अलावा सदन में उठाए गए एक अन्य मुद्दे पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है। उसमें गोली नहीं चलाई गई थी। बल्कि आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था उन्होंने यह भी कहा कि जब गोली चली ही नहीं, तो गोली चलाने के आदेश का सवाल ही नहीं उठता। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ऐसा कोई आदेश देने का अधिकार किसी मंत्री के पास नहीं, बल्कि केवल मजिस्ट्रेट के पास होता है।

वहीं सरकार का कहना है कि एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। हालांकि विपक्ष ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए, लेकिन भारी हंगामे के बीच यह विधेयक लोकसभा से ध्वनि मत के जरिए पारित हो गया। इसके बाद सदन की कार्रवाही गुरूवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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