WB TMC Crisis: पश्चिम-बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी में सियासी उठापटक जारी है। लोकसभा नेताओं के बाद अब राज्यसभा सांसदों में नाराजगी बढ़ रही है। राज्यसभा सांसद भी बगावती तेवर अपनाने लगे हैं। पार्षद, चेयरमैन, विधायक से लेकर सांसद लगातार इस्तीफा दे रहे हैं। इस इस्तीफों की झड़ी में अब सांसद सुष्मिता देव का नाम भी शामिल हो गया। इससे पहले सीनियर नेता सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी को अलविदा कहा था लेकिन बुधवार को इसमें एक नाम और जुड़ गया।
टीएमसी से पहले सुष्मिता देव कांग्रेस पार्टी में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष थीं। वह असम के सिलचर से लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं। सुष्मिता पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं। साल 2019 की लोकसभा चुनाव में हार के बाद वह 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई थी। पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बनाया था।
इसके बाद टीएमसी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया था। लेकिन, अब सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया जब पार्टी में टूट का संकट गहरा रहा है। जिला स्तर से लेकर संसद तक नेता पार्टी को अलविदा कह रहे हैं। दो दिन पहले लोकसभा के करीब 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने को कहा था। अब दो राज्यसभा सांसद भी पार्टी से अपनी राहें जुदा कर चुके हैं।
‘यह लालची और गद्दार नेता’
पार्टी की टूट और बागी नेताओं को लेकर सीनियर सांसद महुआ मोइत्रा ने निशाना साधा और कहा कि यह गद्दार और लालची नेता हैं। बंगाल की जनता को धोखा देकर बीजेपी में अवसर तलाशने लगे हैं। टीएमसी ने हमेशा बंगाल की जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा है। यह बागी अपने निजी स्वार्थ के लिए टीएमसी का साथ छोड़ रहे हैं। हमने सभी वर्गों और धर्मों का समान विकास किया लेकिन अब नेता निजी स्वार्थ को पार्टी से ऊपर रख रहे हैं। आगामी समय में प्रदेश की जनता इन नेताओं को आइना जरूर दिखाएगी।
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