Benefits of Aparajita: मौसम में बदलाव के साथ-साथ बाग-बगीचों और घर में भी बदलाव देखने को मिल जाते हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही बगीचों में नए फल-फूल के पौधे देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक पौधा है अपराजिता, यह दो प्रकार बैंगनी और सफेद फूल का होता है। यह घर की खूबसूरती में चार चांद लगाने के साथ-साथ आयुर्वेद में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस पौधे की जड़ और फूल से कई गुणकारी दवाइयों को तैयार किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यह पौधा किसी भी रोग से नहीं हारता जिसके बाद इसका नाम अपराजिता पड़ा था। इस पौधे से तैयार औषधियों का प्रयोग सिरदर्द, पेट, दिमाग और गले में राहत के लिए किया जाता है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको अपराजिता के जड़ और फूल से बनी औषधियों के गुणकारी फायदे बताएंगे।
कान दर्द में लाभदायक
कहा जाता है कि मौसम में जब अपराजिता का पौधा हराभरा होता है तो इसके फूलों और जड़ से दवाई तैयार करना काफी फायदेमंद होता है। बारिश के मौसम में अक्सर कान में दर्द की शिकायत आती है क्योंकि इस सीजन में नमी के कारण ऐसी समस्या पैदा होती है। इससे राहत पाने के लिए अपराजिता के पत्तों के रस को सुखाकर गर्म कर लेना चाहिए। इसके बाद इस रस को कानों के बाहर लगाना चाहिए। इससे कान दर्द में राहत मिल जाएगी।
पेट दर्द में राहत
अपराजिता के पत्ते, फूल के साथ-साथ इसकी जड़ भी काफी लाभदायक होती है। पेट के मरीजों को अपराजिता की जड़ का चूर्ण बना लेना चाहिए। इसे रोजाना गाय के दूध या घी के साथ खाने से पेट की कई समस्याओं, गैस, अपच, पेट में जलन और एसिडिटी में आराम मिलता है।
मानसिक तनाव में राहत
आजकल लोग कई तरह की चिंता और तनाव में रहते हैं। ऐसे लोगों को अपराजिता के फूलों की नीली चाय यानी ब्लू टी बनाकर पीनी चाहिए। इस चाय से मानसिक शांति मिलती है और थकान में राहत महसूस होती है।
सिरदर्द में लाभ
अपराजिता के पौधे की फली का इस्तेमाल सिरदर्द के इलाज के लिए किया जाता है। इसके बीज और जड़ को बराबर-बराबर पीस लेना चाहिए। तेल में मिलाकर इस चूर्ण को नाक में डालना चाहिए इससे सिरदर्द में राहत मिल जाती है।
नोट- दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य उद्देश्य के लिए है। ऐसी किसी चिकित्सक समस्या या बीमारी होने पर पेशेवर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
