Delhi NCR Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिली है। गुरुवार सुबह-सुबह हुई बरसात के बाद मौसम सुहावना हो गया। एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है तो दूसरी ओर खरीफ की फसल के लिए किसानों को पानी की उपलब्धता हो गई। इस बारिश के साथ ही दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में मानसून की दस्तक हो गई। बरसात के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी में हालांकि, तेज बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी। आईएमडी ने राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 2 जुलाई गुरुवार को दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना जताई है। दोपहर और शाम के समय 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चतल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने 3 जुलाई शुक्रवार को भी गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि, इस दिन किसी प्रकार की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बाद 4 जुलाई को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री, जबकि 5 जुलाई को 34 और 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोनों दिनों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई को भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि 7 जुलाई को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इन दोनों दिनों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
गौरतलब है कि, इस बार मानसून की देरी के कारण लोगों को ज्यादा भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। अल-नीनो के कारण मानसून की चाल धीमी रही। कयास लगाए जा रहे थे कि 4 जुलाई के आसपास उत्तर भारत में मानसून दस्तक दे सकता है। लेकिन, 2 जुलाई की सुबह दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ में हुई झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट हो गई और मानसून की दस्तक हुई। सामान्यत: उत्तर भारत में मानसून 25 जून के आसपास दस्तक दे देता है। इस बार अल नीनो की वजह से देरी से एंट्री हुई।
क्या है अल-नीनो
अल-नीनो प्रशांत महासागर में उत्पन्न होने वाली एक प्राकृतिक लेकिन विनाशकारी मौसमी घटना है। इसके कारण मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है, जिससे दुनियाभर की हवाओं और बारिश का चक्र पूरी तरह से बदल जाता है। इस बार अल-नीनो की वजह से मानसून की रफ्तार धीमी रही।
