Delhi CJP Protest: शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। सरकार ने सीनियर आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया हैं। नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग में नया सचिव नियुक्त किया है।
केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार को नरेश पाल गंगवार की नई नियुक्ति का ऐलान किया। इसके साथ ही विनीत जोशी को शिक्षा सचिव के पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में भेज दिया गया हैं। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी लगातार उठ रही है। हालांकि, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अभी तक नहीं हुआ है। लेकिन सरकार ने शिक्षा सचिव विनीत जोशी को जरूर उनके पद से हटा दिया हैं।
वहीं नरेश पाल गंगवार की शिक्षा सचिव के पद पर नियुक्ति को केंद्र सरकार के एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ही नीट पेपर लीक मामले में जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
इसी बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी विनीत जोशी को शिक्षा सचिव के पद से हटाए जाने पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने पेपर लीक मामले में उदासीनता बरतने वाले शिक्षा सचिव को बदल दिया। पेपर लीक के गुनहगारों सहित शिथिलता या उदासीनता बरतने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
कौन हैं नरेश पाल गंगवार ?
नरेश पाल गंगवार राजस्थान कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 21 अक्टूबर 1970 को नैनीताल में हुआ था। उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक किया है। इसके बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से कम्युनिकेशन में एमटेक और राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल की है।
आपको बता दें कि, नरेश पाल गंगवार राजस्थान में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। वह राज्य के कई जिलों के कलेक्टर भी रह चुके हैं। साल 2001 में उन्हें टोंक का कलेक्टर बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने सवाई माधोपुर, झालावाड़, जोधपुर और भरतपुर जैसे जिलों में कलेक्टर के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी।
इसके अलावा नरेश पाल गंगवार को शिक्षा विभाग में काम करने का भी अच्छा-खासा अनुभव है। साल 2014 में उन्हें राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया था। इस पद पर उन्होंने लंबे समय तक काम किया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को भी संभाला था।
राजस्थान सरकार में करीब ढाई दशक तक काम करने के बाद साल 2020 में नरेश पाल गंगवार की केंद्र सरकार में नियुक्ति हुई। दिसंबर 2020 में उन्हें पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया था।
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