नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 'फैज-ए-इलाही' मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बुधवार को हिंसा भड़क उठी। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर MCD की टीम ने रात करीब 1 बजे बुलडोजर चलाए जिसके बाद कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस घटना में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए जबकि पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जिनमें से 5 की गिरफ्तारी शुरुआती दौर में हुई। वीडियो फुटेज और CCTV की मदद से 30 से अधिक पत्थरबाजों की पहचान की गई है। इलाके में भारी पुलिस बल और RAF तैनात है, गलियां बैरिकेडिंग से बंद हैं और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश पर आधारित है जिसमें रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट में करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। MCD ने सर्वे के बाद पाया कि मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर अवैध निर्माण जैसे बैनकेट हॉल, डायग्नोस्टिक सेंटर, कम्युनिटी हॉल, सड़क और फुटपाथ के हिस्से अतिक्रमित थे। मस्जिद की मैनेजिंग कमिटी का दावा है कि यह वक्फ संपत्ति है, लेकिन MCD ने इसे सार्वजनिक भूमि का दुरुपयोग बताया। मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है केवल अतिक्रमित हिस्सों को ढहाया गया। कार्रवाई देर रात इसलिए की गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
कैसे भड़की हिंसा?
🔹रात 12 बजे से पुलिस बैरिकेडिंग शुरू।
🔹1 बजे के करीब 30 से अधिक बुलडोजर पहुंचे और कार्रवाई शुरू।
🔹सोशल मीडिया पर अफवाह फैली कि मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, जिससे 150-200 लोग इकट्ठा हो गए।
🔹कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी।
🔹पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। हिंसा करीब 10 मिनट चली।
डीसीपी निधिन वालसन ने कहा कि, "कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर थी। पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन स्थिति जल्द नियंत्रित कर ली गई।
वर्तमान स्थिति।
🔹इलाका छावनी में तब्दील, दुकानें बंद।
🔹केवल इमरजेंसी में आने-जाने की अनुमति।
🔹पुलिस ड्रोन, बॉडीकैम और सीसीटीवी फुटेज से उपद्रवियों की पहचान कर रही है।
🔹कुछ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रशासन का दावा है कि तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ, लेकिन कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। आगे की जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

